100% Exam Preparation Tips : बोर्ड एग्जाम में क्या करें, क्या न करें: मॉडल पेपर से तैयारी की पूरी गाइड
बोर्ड परीक्षा में 100% मार्क्स आएगा बस इनको फ्लो कीजिये। सैंपल पेपर (मॉडल पेपर) बहुत ज़रूरी है। यह न केवल परीक्षा पैटर्न समझने में मदद करते हैं, बल्कि आपकी कमजोरियों को सुधारने और नंबर बढ़वाने में भी मदद करता है। नमस्कार मेरे विद्यार्थियों मैं गुलशन शर्मा और स्वागत है आपका Gulshan Math Study. Com पर। आज के इस आर्टिकल ब्लॉग में, हम सैंपल पेपर यानि मॉडल पेपर पढ़ने के फायदे, सही तरीका, परीक्षा में होने वाली गलतियों से बचाव और रिवीजन टिप्स पर बात करेंगे।
100% Exam Preparation Tips : बोर्ड एग्जाम में क्या करें, क्या न करें: मॉडल पेपर से तैयारी की पूरी गाइड: Overview
Post Name | 100% Exam Preparation Tips | बोर्ड एग्जाम में क्या करें, क्या न करें: मॉडल पेपर से तैयारी की पूरी गाइड |
Post Type | Educational Blog |
Board | For All Board |
Object (उद्देश्य) | Students ko Model Paper ke Fayde, Board Exam Success Tips aur 10 Din Me Syllabus Revise krne ke Tips bataya hun |
Category | Study & Exam Tips |
Sample Papers (Model Papers) पढ़ने से फायदे
मॉडल पेपर से पता चलता है की किस तरह परीक्षा में क्वेश्चन पूछा जायेगा, मॉडल पेपर पढ़ने से यह पता चलता है की कौन से चैप्टर से ज्यादा क्वेश्चन पूछा जाता है और कितने मार्क्स के पूछा जाता है। मॉडल पेपर सॉल्व करने से पता चलता है की कितने क्वेश्चन को कितने टाइम पर पूरा कर पाते हैं। जब आप मॉडल पर सॉल्व करते हैं तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है, आपकी तैयारी मजबूत होती है। मॉडल पेपर पढ़ने से या हल करने से आप अपनी कमजोरियों को पहचान सकते हैं और उन पर काम करके उन्हें सुधार सकते हैं। मॉडल पेपर पढ़ने से एग्जाम का डर और टेंशन दूर होते हैं क्युकी मॉडल पेपर तैयारी करने से पूरी तैयारी करने जैसा फील होता है। अगर आप मॉडल पेपर नहीं पढ़ते हैं या नहीं सॉल्व करते हैं तो आपको ऐसा फील होगा जैसे आपका तैयारी आधे-अधूरा हुआ हो। इसीलिए सभी स्टूडेंट को मॉडल पेपर या सैंपल पेपर पढ़ना चाहिए।
Sample Papers (Model Paper) पढ़ने का सही तरीका
मॉडल पेपर पढ़कर परीक्षा की तैयारी को और मजबूत बना सकते हैं। सबसे पहले पूरे Model Paper को एक बार ध्यान से पढ़ें। और यह देखें की कितने ऑब्जेक्टिव, शॉर्ट टाइप के क्वेश्चन और कितने लॉन्ग टाइप के क्वेश्चन पूछे जाते हैं। मॉडल पेपर में मौजूद किसी एक सेट को लीजिये और उसे उतने ही टाइम में कम्पलीट कीजिये जितने टाइम आपको बोर्ड परीक्षा में दिए जाते हैं। और जो क्वेश्चन पिछले सालों में ज्यादा बार पूछे गए हैं उनको अच्छे से तैयारी कीजिये वह मोस्ट इम्पोर्टेन्ट है और जो क्वेश्चन आप नहीं जानते हैं उन्हें किसी अलग पेज पर नोट कीजिये और बाद में उनपर भी ध्यान दीजिये उन्हें भी तैयारी कीजिये। मॉडल पेपर के साथ दी गई Marking Scheme का भी ध्यान रखिये, जैसे की किस प्रकार के प्रश्न का उत्तर कितने शब्दों में देना है। क्युकी अक्सर विद्यार्थी इसी में गलती करते हैं। जैसे को क्वेश्चन रहता है 2 मार्क का तो आंसर देते हैं 1 पेज, 2 पेज तक में। तो आपको शब्दो का भी ध्यान रखना है।
Board Exams में होने वाली गलतियाँ
बहुत से विद्यार्थी समय का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाते हैं जिससे की बहुत सारे क्वेश्चन छूट जाता है और कुछ विद्यार्थी क्वेश्चन पेपर को बिना पढ़े समझे उत्तर लिखने लगते हैं जिससे क्वेश्चन पेपर में पूछा जाता है कुछ और ही, लेकिन जवाब देता है कुछ और ही, तो आप यह गलती ना करें। आप प्रश्न को दो-तीन बार पढ़ें समझें कि प्रश्न में क्या पूछ रहा है और उसी के अनुसार उत्तर लिखें। और कुछ विद्यार्थी आंसर को साफ-सुथरा से नहीं लिखते हैं, जिससे उनका बहुत सारे नंबर कट जाता है। तो आप साफ-सुथरा से लिखें, इम्पोर्टेन्ट पॉइंट को हाईलाइट करें। और अगर आप मैथ का क्वेश्चन सॉल्व कर रहे हैं तो कैलकुलेशन का ध्यान रखें क्युकी अक्सर स्टूडेंट कैलकुलेशन करने में ही गलती करते हैं।
Board Exams में क्या गलतियाँ ना करें?
जिस क्वेश्चन में फस जाते हैं अटक जाते हैं उस पर ज्यादा टाइम ना दें। जिस क्वेश्चन का आंसर आप अच्छे से जानते हैं पहले उसी का आंसर दें और कोशिश करें आंसरशीट के शुरूआती 1 से 5 पेज तक में कट-क्रॉस नहीं करने की, और रफ़ को कॉपी के अंत वाले पेज में करें। और हाँ मैथ सॉल्व करते समय जो फार्मूला लागू हो तो उस फार्मूला को साइड में ब्राकेट में लिखें और अगर आंसर में ज्यादा कट-क्रॉस हो जाएं तो उस आंसर को पूरे क्रॉस करके फिर से न्यू आंसर लिख दें।
रोल कोड, रोल नंबर इत्यादि। ये सारी जानकारी अच्छे से भरें इसमें कोई भी गलती ना करें।
Exam में गलत आंसर लिखने से कैसे बचें?
एग्जाम में गलत आंसर लिखने से बचने के लिए क्वेश्चन को ठीक से 2 बार ध्यान से पढ़ें और समझे कि क्वेश्चन में क्या मांग रहा है क्योंकि बहुत से विद्यार्थी जल्दबाजी में गलत समझ कर गलत उत्तर दे देते है। आंसर लिखते समय मैन कीवर्ड को ध्यान में रखें और उसी मुख्य शब्द को ध्यान में रखते हुए आंसर को लिखते जाएं। फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ के कैलकुलेशन में बहुत सारे विद्यार्थी गलती करते हैं। तो आप कैलकुलेशन में गलती करने से बचने के लिए कैलकुलेशन को रफ़ पेज में कैलकुलेट करें। ऐसा करने से कैलकुलेशन में आप गलती करने से बच जाएंगे। गलत उत्तर लिखने से बचने के लिए क्वेश्चन के मैन कीवर्ड को ढूंढे, क्वेश्चन में जो पूछा गया है, उसके मुख्य शब्द को निकालिए और फिर उसी से रिलेटेड अपने मन से बना-बना कर आंसर लिखते जाइए लेकिन आंसर उसी मुख्य शब्द से रिलेटेड (सम्बंधित) होनी चाहिए।
10 दिन में पूरा सिलेबस कैसे revise करें?
सुबह जल्दी उठकर रिवाइज्ड करना है ताकि revision के लिए ज्यादा टाइम मिल सकते। सुबह याद करने वाला क्वेश्चन आंसर ही पढ़े जिससे याद जल्दी हो और रिवाइज्ड करते समय जो भी इम्पोर्टेन्ट वर्ड लगे उसको पेंसिल से अंदरलाइन करते जाएं और उस टॉपिक्स को पहले रिवीजन करें जिससे ज्यादा अंक के सवाल पूछे जाते हैं। जो क्वेश्चन आप पढ़े हैं उसी को रिवीजन करें, नया क्वेश्चन को बिल्कुल हाथ ना लगाएं। लगातार 10 दिन तक इस तरह से रीवीजन करने से आपका ज्यादा क्वेश्चन रिवाइज्ड हो जाएगा।
सभी विषय को असानी से Revision कैसे करें?
सभी विषय को आसानी से रिवीजन करने के लिए मैं उदाहरण देकर एक टेबल में बताया हूं जो इस प्रकार है:-
टाइम | सब्जेक्ट |
5:00 AM – 6:00 AM | याद करने वाला सब्जेक्ट जैसे :- साइंस, फिजिक्स, भूगोल etc |
6:00 AM – 7:00 AM | केमिस्ट्री, संस्कृत, इतिहास etc |
7:00 AM – 8:00 AM | हिंदी, इंग्लिश, etc |
9:00 AM – 10:00 AM | मैथ, बायोलॉजी etc |
11:00 AM – 12:00 PM | सोशल साइंस, etc साथ ही पिछले साल का क्वेश्चन भी रिविज़न करें |
बोर्ड एग्जाम में क्या-क्या लेकर जाएं?
परीक्षा हॉल में एडमिट कार्ड को साथ लेकर जाएं, जरूरी है। इसे प्लास्टिक कवर (लेमिनेशन) या फोल्डर में रखें ताकि यह बारिश में भींगने या फटने से बचे। कुछ सेंटर पर आईडी कार्ड भी खोजते हैं तो आप लोग स्कूल का आईडी कार्ड या आधार कार्ड लेकर जरूर जाएं साथ में। कम से कम दो-तीन पेन लेकर जाएं, ब्लू और ब्लैक पेन लेकर जाएं और मैथ साइंस फिजिक्स केमिस्ट्री जैसे पेपर में स्केल (इंच) लेकर ज़रूर जाएं
Board Exam में सफलता के लिए 5 मोटिवेशनल
(1) कल को आसान बनाने के लिए आज आपको कड़ी मेहनत करनी ही पड़ेगी। (2) मेहनत बताती है की रिजल्ट कैसा होगा, वरना रिजल्ट तो बता ही देगी की मेहनत कैसी थी। (3) ऐसा वक्त लोओ कि जो लोग तुम्हें ताने मारने में अपना वक्त देते थे, वही लोग तुमसे मिलने के लिए तुम्हारा वक़्त ले। (4) अपना टाइम आएगा इस भरोसे मत बैठो क्योंकि अपना टाइम आता नहीं, लाना पड़ता है। (5) जिसको याद करके तुम रो रहे हो, वो किसी और को खुश करने में व्यस्त है।
नोट :- आपको किस सब्जेक्ट में परेशानी है मुझे कमेंट में बताइये अपने मन की बात।